मां वाराही धाम में खेले जाने वाले प्रसिद्ध "पाषाण युद्ध" के बने हजारों लोग साक्षी

     चंपावत 31 अगस्त - मां बाराही धाम देवीधुरा में पहुंचे पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चंपावत जिले के देवीधुरा स्थित मां वाराही धाम में लगने वाले प्रसिद्ध बगवाल मेले में दोनों ने प्रतिभाग किया। माँ वाराही मंदिर में विधि विधान से पूजार्चना कर राज्य की खुशहाली की कामना की एवं मां वाराही धाम में चार खाम सात तोक के बीच खेले जाने वाले प्रसिद्ध पाषाण युद्ध के हजारों लोग साक्षी बने।

     इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा मां बाराही के दर्शन कर सभी की खुशहाली की कामना की और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता को संबोधित किया और कहां की यह स्थान आध्यात्मिक रूप से जितना समृद्ध है प्राकृतिक रूप से भी उतना ही अधिक मनोरम है। इस अलौकिक भूमि का न केवल ऐतिहासिक महत्व रहा है बल्कि इस क्षेत्र का पौराणिक महत्व भी किसी से छिपा नहीं है।

     मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहां की संस्कृति की महानता के विषय में आम लोगों को जागृत करने का काम हमारे ऐतिहासिक मेले करते हैं और बगवाल का यह ऐतिहासिक मेला भी इसी का एक अनुपम उदाहरण है। इस प्रकार के मेले से हमारी लोक संस्कृति और लोक परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमारे लोक कलाकारों को भी बढ़ावा मिलता है। इस विरासत को संभाले रखना हम सभी का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि मेले हमारे समाज को जोड़ने तथा हमारी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं के बारे में नई पीढ़ी को जागरूक करने में भी अपनी अहम भूमिका निभाते हैं। 

     इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल मेहरा, ब्लॉक प्रमुख सुमनता, विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, बाराही मंदिर समिति संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, अध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व अध्यक्ष खीम सिंह लमगड़िया , हयात सिंह मेहरा,  मोहन सिंघवाल,  रोशन लमगड़िया, राजेन्द्र बिष्ट,  गिरीश सिंघवाल, ईश्वर सिंह बिष्ट, प्रकाश मेहरा, चेतन चम्याल, गौरव सिंघवाल, अमित लमगड़िया, गोगुल कोहली, नवीन मेलकानी तथा प्रशासन से जिलाधिकारी नवनीत पांडे, पुलिस अधिक्षक देवेन्द्र पींचा, सीडीओ आरएस रावत, एडीएम हेमंत वर्मा, एसडीएम सौरभ असवाल सहित जनप्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।