नगर पालिका परिषद रामनगर में निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं सामने आने पर नाराजगी व्यक्त की
रामनगर 28 सितम्बर - मंडलआयुक्त दीपक रावत ने नगर पालिका परिषद रामनगर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका की व्यवस्थाओं, सफाई व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण, अभिलेखों के रखरखाव तथा पशु बाजार में कई अनियमितताएं सामने आने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के साथ ही अनियमितताओं की जाँच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका के सामने फुटपाथ पर बिना सत्यापन एवं अनुमति के दुकान संचालित होने तथा सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत अतिक्रमण न होने दिया जाए तथा संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। रोड क्लीनिंग मशीन बंद पाए जाने पर भी मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था में उपयोग होने वाली मशीनों एवं अन्य संसाधनों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए।
कूड़ा निस्तारण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने कचरे की माप-तौल में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कांटे पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्लास्टिक एवं अन्य मूल्यवान कचरे से संबंधित माह अगस्त की रसीदें ठेकेदार एवं पालिका कर्मियों द्वारा प्रस्तुत नहीं की जा सकीं। इस पर मंडलायुक्त ने संबंधित अभिलेखों की जाँच कराने के निर्देश दिए और लेबर इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाकर सफाई ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सफाई कर्मियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध की जाए और सफाई कर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक अधिशासी अधिकारी का वेतन रोका जाए। इस संबंध में उप जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंडल आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान स्टोर में सामानों के वितरण से संबंधित अभिलेख मांगे। स्टोर कीपर द्वारा विभिन्न सामानों के वितरण का रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इस पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्टॉक एवं वितरण से संबंधित समस्त अभिलेखों की जाँच कराने तथा रिकॉर्ड को अद्यतन रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी सामग्री के स्टॉक, वितरण एवं उपयोग का पूरा विवरण अभिलेखों में दर्ज होना चाहिए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाए।
मंडल आयुक्त ने पशु बाजार का भी औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पिकअप संख्या UK-19-CA-1719 में निर्धारित मानकों के विपरीत एक के स्थान पर तीन पशुओं का परिवहन किए जाने का मामला सामने आया। इसके अतिरिक्त पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया गया था और आवश्यक अनुमति के बिना पशुओं का परिवहन किया जाना भी पाया गया। इन मामलों में संबंधित प्रावधानों एवं Animal Cruelty Act के तहत नियमानुसार मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश प्रभारी अधिशासी अधिकारी को दिए। पशुओं के परिवहन में निर्धारित मानकों एवं नियमों का कड़ाई से अनुपालन किया जाए। ठेकेदार गिरीश चंद्र पंत द्वारा खरीद-फरोख्त का रजिस्टर भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके अलावा ठेकेदार द्वारा अपने स्टाफ के नाम एवं संपर्क नंबर भी उपलब्ध नहीं कराए जा सके। प्रथम दृष्टया पशु बाजार में कई अनियमितताएं सामने आने पर मंडलायुक्त ने नगर पालिका के अधिकारियों को तत्काल नियमानुसार मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए।
नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नगर पालिका की सभी व्यवस्थाओं की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और विभिन्न अनियमितताओं की विस्तृत जाँच कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए तथा कहा कि जाँच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कुमाऊँ मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि माननीय मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप यातायात व्यवस्था को सरल, सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए सड़कों को आगामी 15 अक्टूबर तक हर हाल में गड्ढामुक्त करना सुनिश्चित किया जाए। मरम्मत एवं सुधार कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और आवश्यकतानुसार तत्काल मरम्मत एवं सुधार कार्य सुनिश्चित करें, सड़क सुरक्षा एवं सुगम यातायात आमजन से सीधे जुड़ा विषय है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता अथवा हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान, कर एवम् राजस्व अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।