प्रकृति संरक्षण का प्रतीक "हरेला पर्व" पर पौधारोपण कार्यक्रम

     नैनीताल 16 जुलाई- उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक परंपरा एवं प्रकृति संरक्षण के प्रतीक हरेला पर्व के अवसर पर जनपद नैनीताल में व्यापक स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला मुख्यालय से लेकर विकास खण्ड, न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत एवं वन पंचायत स्तर तक जनसहभागिता के साथ हजारों पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन तथा हरित भविष्य के निर्माण का संदेश देते हुए रोपे गए पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लिया गया।

     कुमाऊँ आयुक्त एवं सचिव माo मुख्यमंत्री दीपक रावत ने कुमाऊँ कमिश्नरी परिसर नैनीताल में और जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी कैम्प कार्यालय परिसर में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। आयुक्त ने समस्त मंडलवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के सम्मान तथा प्रकृति के संरक्षण के लिए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए। हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का सामूहिक संकल्प है। इस अवसर पर अपर आयुक्त जीवन सिंह नगन्याल सहित कमिश्नरी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

     इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने छायादार, चौड़ी पत्ती वाले, फलदार एवं पुष्पीय प्रजातियों के पौधों का रोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया।हरेला पर्व के अवसर पर जनपद के सभी विकास खण्ड मुख्यालयों, न्याय पंचायतों, ग्राम पंचायतों एवं वन पंचायत क्षेत्रों में भी जनसहयोग से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। वन,कृषि,उद्यान,सहकारिता एवं ग्राम्य विकास विभाग द्वारा मानसून अवधि में पौधारोपण अभियान निरंतर संचालित किया जाएगा।

     जनपद में आयोजित हरेला पर्व के कार्यक्रमों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता को भी सुदृढ़ किया। पौधारोपण के इस व्यापक अभियान के माध्यम से प्रकृति संरक्षण, हरित विकास तथा स्वच्छ पर्यावरण के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व का प्रभावी संदेश दिया गया।